तांबे के बर्तन में जल पीने के फायदे


तांबे को एक विशेष धातु माना जाता है प्राचीन काल से ही पीने के पानी के लिए तांबे का उपयोग किया जा रहा है तांबे के बर्तन में रात भर पानी रखने से,  तांबे के कुछ अंश उसमें भी आ जाते हैं जो शरीर को  फायदा पहुंचाते हैं  इसके साथ ही कई तरह की बीमारियां और परेशानियां भी दूर होती हैं चिकित्सा प्रणाली में कहा गया है कि तांबे के बर्तन में रखा गया पानी शरीर के वात कफ पित्त को संतुलित करता है  इसे ताम्र जल कहा जाता है

तांबे के पात्र में कम से कम 8 घंटे रखने के बाद ही पानी पीना चाहिए तभी अधिक लाभ हो सकता है में दो या तीन बार भी इसका सेवन पर्याप्त होता है बाकी दिन भर सादे पानी भी पिया जा सकता है

ताम्र  जल के फायदे कई हैं

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि रोजाना 1 लीटर पानी में 2 मिलीग्राम तक तांबे का सेवन शरीर के लिए काफी अच्छा है अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार तांबे के बर्तन में कई घंटों तक रखा गया पानी तांबे का एक हिस्सा अवशोषित कर लेता है इस पानी से बहुत से फायदे और विशेषताएं होती हैं

यह दिमाग को तेज इत करता है

हमारा दिमाग इंपल्स  साइन एप्स  से होकर  एक  न्यूरॉन से दूसरे न्यूरॉन में जाते हैं  यह न्यूरॉन मयलिन के कवर से ढके होते हैं के प्रभाव में मदद करते हैं तांबा फास्फोलिड  के निर्माण में सहायक होता हैजो भूलने की समस्याओं से बचाता होता है

बैक्टीरिया को नष्ट करता है

तांबे में डायनेमिक गुण होते हैं जिसके कारण वह बैक्टीरिया खासतौर पर ईकोलाई और एसआरएस को नष्ट कर देता है आमतौर पर पर्यावरण में पाए जाते हैं डायरिया परचेज पीलिया जैसी पानी से होने वाली बीमारियों के मुख्य कारक हैं तांबे का पानी पीने से इन से निजात मिलती है

अर्थराइटिस और जोड़ों में सूजन

इसमें सूजन रोधी गुण भी होते हैं यह अर्थराइटिस- गठिया वात,  मैं आराम देता है तांबा हड्डियों और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है इसलिए इन  रोगों के मरीजों के लिए और भी फायदेमंद है जो मुख्यतः हड्डी के ही रोग हैं

पाचन में सुधार

आजकल  एसिडिटी, गैस और अपच आम दिक्कतें बन गई है ताबा इन में बहुत फायदेमंद है यह भोजन आहार नाल आसानी से आगे बढ़ता है तांबा हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट करने और पेट की सूजन दूर करने में मदद करता है यह पेट के अल्सर अपच एवं संक्रमा में भी मदद करता है यह पेट साफ करता है और लीवर व किडनी की कार्यप्रणाली को संतुलित बनाता है शरीर से व्यर्थ पदार्थों को बाहर निकालने एवं पोषक पदार्थों के अवशोषण में भी सहायता करता है

कैसे चुने असली तांबा

चुंबक की मदद से तांबे की शुद्धता की पहचान कर सकते हैं

तांबे के लोटे गिलास या बोतल पर चुंबक लगा कर देखें
यदि है चिपक जाता है तू तांबा मिलावटी है

असली तांबे का रंग नारंगी होता है तांबे का लोटा यह बोतल आपके पास पहले से है तो उस पर नींबू रख रहे और फिर पानी से साफ कर लें यदि यह गुलाबी और चमकीला रंग ले ले तो तांब  शुद्ध  है

तांबे  के बर्तन को साफ करने का तरीका

तांबे के बर्तन के भीतरी हिस्से को स्क्रब से रगड़ कर साफ करें बेहतर तरीका है कि उसे नींबू से रगड़ कर साफ किया जाए पानी से धो लें तांबे के बर्तन को साफ करने के लिए बेकिंग सोडे का इस्तेमाल कर सकते हैं

तांबे के बर्तन को साफ करने के लिए किराने की दुकान में तांबे के बर्तन को मारने का पाउडर आसानी से उपलब्ध है 

जल तो जीवित है ही मगर उसे तांबे के बर्तन में रखकर पिया जाए तो वह न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है बल्कि सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद भी होता है जल को अपनाकर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है




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